हमारा परिचय - स्थापना
संवैधानिक उपबंधों संवैधानिक उपबंधों के अनुपालन में केंद्रीय सरकार के हिंदी न जानने वाले कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य सर्वप्रथम शिक्षा मंत्रालय द्वारा जुलाई, 1952 में प्रारम्भ किया गया।
राष्ट्रपति द्वारा गृह मंत्री को संबोधित 12 जून, 1955 के पत्र में दिए गए सुझावों पर कार्रवाई के अनुसरण में केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य गृह मंत्रालय को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया। तदनुसार अक्तूबर, 1955 से गृह मंत्रालय के तत्वावधान में हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत कार्यालय समय में हिंदी कक्षाएँ चलाई जा रही हैं।
सन 1960 में हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत हिंदी भाषा, हिंदी टंकण एवं हिंदी आशुलिपि का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया।
सन 1974 से केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों तथा उसके संबद्ध व अधीनस्थ कार्यालयों के कर्मचारियों के अतिरिक्त केंद्रीय सरकार के स्वामित्व अथवा नियंत्रणाधीन निगमों, निकायों, कंपनियों, उपक्रमों, बैंकों आदि के कर्मचारियों के लिए भी हिंदी भाषा, हिंदी टंकण तथा हिंदी आशुलिपि का प्रशिक्षण प्राप्त अनिवार्य कर दिया गया ।
सन 1975 में गृह मंत्रालय के अंतर्गत राजभाषा विभाग की स्थापना हुई और हिंदी शिक्षण योजना को राजभाषा विभाग के अधीन कर दिया गया ।
हिंदी शिक्षण योजना के दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै एवं गुवाहाटी में पाँच क्षेत्रीय कार्यालय हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णकालिक केंद्रों के साथ-साथ अंशकालिक केंद्रों पर भी संचालित किए जा रहे हैं।
संवैधानिक उपबंधों संवैधानिक उपबंधों के अनुपालन में केंद्रीय सरकार के हिंदी न जानने वाले कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य सर्वप्रथम शिक्षा मंत्रालय द्वारा जुलाई, 1952 में प्रारम्भ किया गया।
राष्ट्रपति द्वारा गृह मंत्री को संबोधित 12 जून, 1955 के पत्र में दिए गए सुझावों पर कार्रवाई के अनुसरण में केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य गृह मंत्रालय को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया। तदनुसार अक्तूबर, 1955 से गृह मंत्रालय के तत्वावधान में हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत कार्यालय समय में हिंदी कक्षाएँ चलाई जा रही हैं।
संवैधानिक उपबंधों संवैधानिक उपबंधों के अनुपालन में केंद्रीय सरकार के हिंदी न जानने वाले कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य सर्वप्रथम शिक्षा मंत्रालय द्वारा जुलाई, 1952 में प्रारम्भ किया गया।
राष्ट्रपति द्वारा गृह मंत्री को संबोधित 12 जून, 1955 के पत्र में दिए गए सुझावों पर कार्रवाई के अनुसरण में केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को हिंदी सिखाने का कार्य गृह मंत्रालय को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया। तदनुसार अक्तूबर, 1955 से गृह मंत्रालय के तत्वावधान में हिंदी शिक्षण योजना के अंतर्गत कार्यालय समय में हिंदी कक्षाएँ चलाई जा रही हैं।
हमारा परिचय - स्थापना
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, जिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को हिंदी नहीं आती थी, उन्हें हिंदी सिखाने का काम सबसे पहले जुलाई 1952 में शिक्षा मंत्रालय ने शुरू किया था।
12 जून 1955 को गृह मंत्री को लिखे पत्र में राष्ट्रपति के सुझावों के आधार पर, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को हिंदी सिखाने की ज़िम्मेदारी गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय लिया गया। इसके अनुसार, अक्टूबर 1955 से गृह मंत्रालय की देखरेख में 'हिंदी शिक्षण योजना' के तहत ऑफिस के समय में हिंदी की कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
1960 में, हिंदी शिक्षण योजना के तहत हिंदी भाषा, हिंदी टाइपिंग और हिंदी शॉर्टहैंड का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया।
1974 से, केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों और उनसे जुड़े या उनके अधीन कार्यालयों के कर्मचारियों के अलावा, केंद्रीय सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले निगमों, निकायों, कंपनियों, उपक्रमों, बैंकों आदि के कर्मचारियों के लिए भी हिंदी भाषा, हिंदी टाइपिंग और हिंदी शॉर्टहैंड का प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
1975 में गृह मंत्रालय के तहत 'राजभाषा विभाग' की स्थापना की गई और हिंदी शिक्षण योजना को इस विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में रखा गया।
हिंदी शिक्षण योजना के पांच क्षेत्रीय कार्यालय दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और गुवाहाटी में स्थित हैं।
पूर्णकालिक और अंशकालिक दोनों तरह के केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।